Sunday, 26 June 2016

हैरी पॉटर- प्रिय पुस्तक

                                                                                                                                                                हैरी पॉटर

मेरे विचार में किताब इंसान के सबसे अच्छे मित्र हे। हमें इनसे बहुत कुछ सिखने को मिलता हे। वह हमारा साथ कभी नहीं छोड़ते। हैरी पॉटर मेरी सबसे प्रिय किताब हे। बचपन से में यह किताब पढ़ता आ रहा हू। जब जे. के. रोलिंग ने यह किताब  बीस साल पहले लिखी थी तब यह किताब किसी को भी नहीं पसंद आई थी। वह बारा प्रकाशन कंपनियों के पास गयी थी लेकिन उन सबने रोलिंग की किताब को छापने से इनकार कर दिया। अंत में बहुत मेहनत और मुश्किलों के बाद उनकी किताब एक अनजान और अप्रसिदध् कम्पनी ने छापी। उस कम्पनी का नाम था ब्लूमसबरी। जेसे ही यह किताब छपी यह झट से प्रसिध हो गयी। 

पहली किताब की सफलता के बाद लेखिका ने ६ और किताबें लिखी। इनके नाम है:-

हैरी पॉटर एंड द फ़िलोसोफेरस स्टोन
हैरी पॉटर एंड द चेम्बर ऑफ़ सिक्रेट्स
हैरी पॉटर एंड द प्रिज़ोनर ऑफ़ ऐज़्कबैन
हैरी पॉटर एंड द गोब्लेट ऑफ़ फ़ाइअर
हैरी पॉटर एंड द ऑर्डर ऑफ़ द फ़ीनिक्स
हैरी पॉटर एंड द हाफ़ ब्लड प्रिन्स
हैरी पॉटर एंड द डेथ्ली हैलोज़

पहली किताब सन १९९७ में लिखी गई तथा आख़िरी किताब सन २००७ में लिखी गई। मैंने यह सारी किताबें क़रीब सौ बारी पढ़ी है। मेरा सबसे मनपसंद भाग पहला किताब है।

इस किताब का मुख्य पात्र हैरी पॉटर है जो एक जादुई दुनिया में रहता है। वह क़रीब एक साल का था जब एक दुष्ट जादूगर जिसका नाम वोल्डिमोर्ट था ने उसके माता पिता को मार दिया। तबसे, अगले दस साल के लिए हैरी अपने माँसी और मोसा जी के घर में रहा। उनका एक बेटा भी था जिसका नाम था डड्ली। जब हैरी ११ साल का था तो उसको पता चला की वह एक जादूगर था। वह एक जादूगरो  के विद्यालय में गया जिसका नाम था होगवर्ट्स। वहाँ उसके दो बहुत अच्छे मित्र बने जिनके नाम थे रानल्ड वीसली और हरमाईनी ग्रेंजर।

जब जे. के. रोलिंग के किताब बहुत प्रसिध हुए तो अचानक से उनके घर में कुछ लोग आए। वह वॉर्नर ब्रधर्ज़ से आए थे। वह उनके किताबों पर चलचित्र बनाना चाहते थे जिसके लिए रोलिंग ने हाँ कह दिया । यह फ़िल्मे पूरी दुनिया में बहुत ही मशहूर हो गये।

मैं बहुत ही ख़ुश हू की मेरी सबसे प्रिय किताब दुनिया भर में इतनी प्रसिद्ध है। आप भी यह किताब ज़रूर पढ़े।
हैरी पॉटर 

मेरे प्रिय पुस्तकें 
जे. के. रोलिंग 

ब्लूम्सबरी प्रकाशन कंपनी 

वार्नर ब्रोथेर्स चलचित्र 

हैरी पॉटर चलचित्र 

Saturday, 25 June 2016

कुछ चटपटे चुटकुले


छोटा बच्चा अपना रिज़ल्ट लेकर आया और पिता से बोला "पापा आप बहुत क़िस्मत वाले हो।"
पिता-"केसे बेटा?"
बच्चा-"क्योंकि मैं फ़ेल हो गया हूँ। आपको मेरे लिए नयी किताबें ख़रीदने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।"

एक आदमी ने देखा की एक बंदर, एक मछली को पकड़कर पेड़ पर ले जा रहा था।
उसने बंदर से कहा "यह तुम क्या कर रहे हो?"
बंदर-"मैं मछली को डूबने से बचा रहा हूँ!"

चिंटू-"क्या मैं भगवान के तरह लगता हूँ?"
मिंटू-"नहीं पर तुम ऐसा क्यों पूछ रहे हो?"
चिंटू-"क्योंकि मैं कही भी जाता हूँ तो सब कहते है कि हे भगवान! फिर आगया!"

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Thursday, 23 June 2016

कुम्भकर्ण

रामायण में बहुत सारे पात्र है लेकिन मुझे सबसे दिलचस्प कुम्भकर्ण लगता है। वह रावण और विभीषण का छोटा भाई
था। वह बहुत ही भयानक और विशाल था लेकिन फिर भी वह दिल का बहुत ही अच्छा और समझदार माना जाता था। अपनी ताक़त को दिखाने के लिए वह बहुत दिखावा करता था और उसकी भूख बहुत ज़्यादा थी। कही बार वह अपनी ताक़त का दिखावा करते करते वह पंडितों को भी खा जाता था। भगवान ब्रह्मा को प्रसन करने के लिए कुम्भकर्ण ने बहुत ज़्यादा मेहनत की। अंत में जब वरदान माँगने की बारी आइ तो भगवान इंद्र (जो कुम्भकर्ण को पसंद नहीं करते थे) ने सरस्वती माता की मदद ली। वरदान माँगते वक़्त कुम्भकर्ण के मुँह से इंद्रवस्था के जगह निडरावस्था निकल गया। इसी कारण कुम्भकारण ६ महीने सोता था और ६ महीने जागता था। जब वह उठता था तो वह अपने रास्ते में सभ कुछ खा जाता था। जब राम और रावण की युद्ध चल रही थी तो कुम्भकर्ण को उठाने के लिए १००० हाथियों का प्रयोग किया गया था। आख़िरकार कुम्भकर्ण की मृत्यु श्री राम के हाथो से हुई।